बचपन में मैने अपने पिता जी से पूछा कि दूसरों की मदद क्यों करना चाहिए? जबकि हमें
खुद मदद की जरूरत रहती है। उनका लाजवाब जवाब आज भी मुझे प्रेरणा देता है। उन्होंने
कहा- दूसरों की मदद करना नहीं बल्कि मदद करते रहने की आदत डालना चाहिए। जो देता है
वही पाता है यही प्राकृतिक नियम है। जैसा बोओगे वैसा पायोगे ऐसा करने से आप खुद की
मदद करते है।
किसी की बहुत छोटी सी मदद उसके द्वारा बोले गये दो उत्साहित करने वाला शब्द भी
लोगों की जिंदगी बदल देते है। एक छोटा सा लड़का समुद्र में ज्वार (लोटाइड) के बाद
रेत में फसी हुई कुछ स्टार फिश को वापस समुद्र में फेंक रहा था ताकि वह जीवित रहे।
एक बड़े आदमी ने उनसे कहा बेटा इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि रोज लाखों मछलियां
इसी तरह मर जाती है। बच्चे ने कहा लाखों की तो मै नहीं कहता पर उसे अवश्य फर्क
पड़ेगा। जिसे मैने समुद्र में वापस फेंका है।
एक दम सच बात है यह | आपकी छोटी सी मदद किसी के लिए प्रेरणादायी, सफलतादायी व
जीवनदायी हो सकती है। अपने में दुसरों की मदद की आदत डालनें का प्रयास करने वालों
को यह अंक समर्पित।
मधुर चितलांग्या
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